Monday, June 25, 2012

असंभव क्या है ? असंभव कुछ नहीं बस हमारी सोच की एक अवस्था है... जैसे ही हम अपने सोचने के नजरिये को बदलते है हम पाते हैं जो कुछ पहले हमें असंभव सा लगता था वही सब कुछ आज हमें हमारी मुट्ठी में दिखता है. दरअसल जीवन में किसी लक्ष्य को पाना असंभव तब होता है जब हम और आप उस लक्ष्य को खुद से बड़ा समझने लगते हैं. जिस वक्त आप ये सोचना शुरू कर देंगे कि दुनिया में कोई भी लक्ष्य आपसे बड़ा नहीं बस उसी वक्त ये सच आपके अन्दर साबित होता है कि- "कुछ भी असंभव नहीं".
            --शशिष कुमार तिवारी 

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